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CM गहलोत के भाई से ईडी ने की 7 घंटे पूछताछ, मनी लॉन्ड्रिंग और सब्सिडी वाले उर्वरक विदेश में बेचने का आरोप

जयपुर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बड़े भाई अग्रसेन गहलोत से सोमवार को (ईडी) ने अपने हेडक्वाटर में पूछताछ की। ईडी ने अग्रसेन गहलो...

जयपुरराजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बड़े भाई अग्रसेन गहलोत से सोमवार को (ईडी) ने अपने हेडक्वाटर में पूछताछ की। ईडी ने अग्रसेन गहलोत से भारतीय किसानों के उर्वरकों को कथित अवैध निर्यात करने और इस संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग जांच के संबंध में पूछताछ की। दरअसल आरोप है कि अग्रसेन गहलोत ने सब्सिडी वाला फ़र्टिलाइज़र किसानों के बजाय निर्यातकों को बेच दिया था। ईडी ने इस मामले में यह भी जानने की कोशिश की, कहीं कथित फर्टिलाइजर घोटाले के जरिए अग्रसेन गहलोत ने अपने रिश्तेदारों को फायदा तो नहीं पहुंचाया। प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत बयान दर्ज हुएमिली जानकारी के अनुसार अग्रसेन अपने वकील के साथ दिल्ली में निदेशालय के मुख्यालय में सुबह करीब 11.30 बजे पेश हुए। इसके बाद प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत उनका बयान दर्ज किया गया। मिली जानकारी के अनुसार ईडी की ओर से करीब 7 घंटे पूछताछ की गई। इस दौरान ईडी ने मामले से जुड़े कई सवाल अग्रसेन गहलोत से पूछे। इसी आधार पर ही उनके बयान भी दर्ज किए गए। पिछले साल सियासी संकट के दौरान ईडी ने की थी छापेमारी आपको बता दें कि एजेंसी ने पिछले साल जुलाई में उनके कार्यालय परिसर में छापा मारा था, उस समय राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस में उनके मुख्यमंत्री भाई और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच राजनीतिक झड़प चल रही थी। राजस्थान उच्च न्यायालय ने पिछले हफ्ते अग्रसेन गहलोत को जांच में सहयोग करने के लिए कहा था। हालांकि केंद्रीय एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग एजेंसी को उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया था। विदेश व्यापार नीति के उल्लघंन का आरोप दरअसल ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच सीमा शुल्क विभाग और राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की ओर से 2009 में की गई जांच पर आधारित है, इसमें उसी वर्ष 12 खेपों में 57 लाख रुपये मूल्य के म्यूरेट ऑफ पोटाश (एमओपी) का निर्यात किया गया था। एमओपी भारत की विदेश व्यापार नीति के तहत निर्यात के लिए प्रतिबंधित वस्तु है।


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