Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

Breaking News:

latest

झुंझनूं में दिवाली आतिशबाजी बैन के आदेश पर विवाद, विरोध के बाद कलेक्टर को बदलना पड़ा ऑर्डर

झुंझनूं राजस्थान में कोरोना को ध्यान में रखते हुए जहां इस साल भी राज्य सरकार की ओर से पटाखों पर बैन किए जाने का मामला सोशल मीडिया पर छाया...

झुंझनूं राजस्थान में कोरोना को ध्यान में रखते हुए जहां इस साल भी राज्य सरकार की ओर से पटाखों पर बैन किए जाने का मामला सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। वहीं प्रदेश के झुंझनूं जिले में कलेक्टर की ओर से इस संबंध में जारी किए गए एक आदेश पर बवाल मच गया है। दरअसल झुंझनूं के जिला कलेक्टर उमरदीन खान की ओर से पटाखों पर प्रतिबंध के संबंध में जारी आदेश के दौरान शहर में धारा 144 लागू होने का आदेश जारी किया गया था। कलेक्टर की ओर से पटाखों के बैन के साथ धारा 144 लागू करने के आदेश के बाद जब लोगों की ओर से इसका विरोध किया गया, तो अब कलेक्टर उमरदीन की ओर से संशोधित आदेश जारी किया गया है। संशोधित आदेश में धारा 144 निषेधज्ञा को हटा दिया गया है। यह है संशोधित आदेश उल्लेखनीय है कि पूर्व आदेश में जहां धारा 144 लागू होने की बात कही गई थी। वहीं नए आदेश में पेट्रोल पंप, गैस गोदाम जैसे स्थानों की 500 मीटर की परिधि में पटाखों के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप ग्रीन पटाखों के प्रयोग को अनुमति दी गई है। वहीं हथियारों के प्रदर्शन पर रोक लगाई गई है। क्या है धारा 144 कानूनी जानकार बताते हैं कि सीआरपीसी की धारा-144 में यह प्रावधान किया गया है कि डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट नोटिफिकेशन जारी करता है। इसके तहत यह प्रावधान किया गया है कि जिस इलाके में निषेधाज्ञा लागू की जाती है, वहां 5 या उससे ज्यादा लोग इकट्ठे नहीं हो सकते। ऐसा करने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट के वकील डी. बी. गोस्वामी के मुताबिक यह निषेधात्मक आदेश है। धारा-144 किसी विशेष जिला, थाना या तहसील में लगाई जा सकती है। जिस इलाके में धारा-144 लगी होती है, वहां 5 या उससे ज्यादा लोग इकट्ठे नहीं हो सकते। साथ ही, हथियार लाने-ले जाने पर भी रोक लग जाती है। इस धारा का इस्तेमाल शांति कायम रखने के लिए किया जाता है। जब भी प्रशासनिक अधिकारी को अंदेशा हो कि इलाके में शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है तो यह धारा लगाई जा सकती है। इसका उल्लंघन करने वाले को पुलिस धारा-107/151 के तहत गिरफ्तार करती है। गिरफ्तारी के बाद उसे इलाके के एसडीएम या एसीपी के सामने पेश किया जाता है। सोशल मीडिया पर कलेक्टर को किया जा रहा है ट्रोल उल्लेखनीय है कि जिला कलेक्टर की ओर से दोबारा संशोधित आदेश जारी किए जाने के बाद भी उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर यूजर्स कलेक्टर को हिंदू रीति रिवाज और त्योहार का सम्मान करने की मशविरा दे रहे हैं।


from Hindi Samachar: हिंदी समाचार, Samachar in Hindi, आज के ताजा हिंदी समाचार, Aaj Ki Taza Khabar, आज की ताजा खाबर, राज्य समाचार, शहर के समाचार - नवभारत टाइम्स https://ift.tt/3nIjCd0
https://ift.tt/3EnthMK

No comments