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त्रिपुरा निकाय चुनाव में BJP ने विपक्षी दलों को किया चित...सिर्फ 1 सीट पाकर भी खुश TMC, जानिए क्यों?

अगरतला त्रिपुरा नगर निकाय चुनाव के परिणाम एकतरफा रहे हैं। राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने तमाम विपक्षी दलों को पछाड़ते हुए अगरतला...

अगरतला त्रिपुरा नगर निकाय चुनाव के परिणाम एकतरफा रहे हैं। राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने तमाम विपक्षी दलों को पछाड़ते हुए अगरतला नगर निगम और अन्य 13 नगर निकायों में शानदार प्रदर्शन किया। निकायों की 334 में से 329 सीटों पर भाजपा का कब्जा हुआ है। महज पांच सीटें विपक्षी पार्टियों को गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर भाजपा के तमाम सीनियर नेताओं ने इस जीत को सुशासन से जोड़कर पेश किया है। के परिणाम दिन भर ट्विटर ट्रेंड में बने रहे। त्रिपुरा विधानसभा चुनाव जीत कर वर्ष 2018 में सत्ता में आई भाजपा पहली बार निकाय चुनावों में भाग्य आजमा रही थी। वहीं, पश्चिम बंगाल में सत्ता में वापसी करने के बाद बढ़े मनोबल के साथ तृणमूल कांग्रेस ने भी राज्य की राजनीति में एंट्री मारी है। पहले ही नगर निकाय चुनाव में टीएमसी वोट फीसद मामले में दूसरे नंबर की पार्टी बन गई है। हालांकि टीएमसी को एक ही निकाय सीट पर जीत हासिल हुई है। टीएमसी ने इसे प्रदेश में भाजपा के विकल्प के रूप में पेश किया है और इसे अपनी बड़ी सफलता बताया है। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी ने दावा किया है कि पार्टी ने निकाय चुनाव में 20 फीसदी से अधिक वोट हासिल किया। इस प्रकार वह माकपा व अन्य विपक्षी दलों को पीछे छोड़कर मुख्य विपक्षी दल बन गई है। विपक्ष के रूप में स्थापित हुआ टीएमसी टीएमसी ने हाल के समय में नॉर्थ ईस्ट पर फोकस किया है। हाल ही में, मेघालय विधानसभा में कांग्रेस विधायकों को अपने पाले में लाकर पार्टी मुख्य विपक्षी दल बन चुकी है। वहीं, त्रिपुरा नगर निकाय चुनाव में भी पार्टी ने अन्य विपक्षी दलों को वोट प्रतिशत के मामले में पीछे छोड़ा है। बंगाल चुनाव के बाद टीएमसी की ओर से त्रिपुरा में अभियान शुरू किया गया था। अभिषेक बनर्जी वहां लगातार सभा कर रहे थे। इस दौरान भाजपा व टीएमसी के बीच टकराव के भी मामले सामने आए। अभिषेक ने कहा कि पहले चुनाव में बेहतर प्रदर्शन रहा। वर्ष 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव में वह पार्टी के शानदार प्रदर्शन का दावा इस परिणाम के आधार पर कर रहे हैं। तमाम मुद्दों के बाद भी निकाय चुनाव में भाजपा रही हावी निकाय चुनाव से ठीक पहले प्रदेश में सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न हुआ। इस मामले को लेकर जिस प्रकार की रिपोर्ट आई, उसने तमाम लोगों को परेशान किया। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए शांतिपूर्ण चुनाव कराने का आदेश दिया। वहीं, किसान आंदोलन और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद भाजपा को लेकर कई प्रकार के सवाल खड़े किए जा रहे थे। इन तमाम मुद्दों पर भाजपा लहर हावी रही। वहीं, स्थानीय निकाय चुनाव में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला। अगरतला नगर निगम में विपक्ष पूरी तरह खाली हाथ अगरतला नगर निगम में विपक्ष खाली हाथ रह गया। निगम की 51 सीटों पर भाजपा ने ही अपना कब्जा जमाया। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, भाजपा ने 15 सदस्यीय खोवाई नगर परिषद, 17 सदस्यीय बेलोनिया नगर परिषद, 15 सदस्यीय कुमारघाट नगर परिषद और नौ सदस्यीय सबरूम नगर पंचायत के सभी वार्डों पर कब्जा कर लिया। उन्होंने बताया कि पार्टी ने 25 वार्ड वाली धर्मनगर नगर परिषद, 15 सदस्यीय तेलियामुरा नगर परिषद और 13 सदस्यीय अमरपुर नगर पंचायत में भी जीत दर्ज की। सोनमुरा नगर पंचायत और मेलाघर नगर पंचायत विपक्ष के बिना होगा क्योंकि भाजपा ने सभी 13 सीटों पर जीत हासिल की है। पार्टी ने 11 सदस्यीय जिरानिया नगर पंचायत में भी जीत हासिल की है। कहीं भी मुकाबले में नहीं रहा विपक्ष भाजपा ने अधिकांश निकायों में क्लीन स्वीप किया। अंबासा नगर परिषद की 12 सीटें हासिल कीं, जबकि टीएमसी और माकपा ने एक-एक सीट जीती और एक सीट पर एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। भाजपा ने कैलाशहर नगर परिषद की 16 सीटों पर भी जीत हासिल की और माकपा को एक सीट मिली। पानीसागर नगर पंचायत में, भाजपा 12 सीटों पर विजयी हुई और माकपा ने एक पर जीत हासिल की। भाजपा ने खोवाई नगर परिषद के सात वार्ड, धर्मनगर नगर पालिका का एक, मेलाघर नगर परिषद के दो और जिरानिया के 10 वार्डों में निर्विरोध जीत हासिल की। इसने रानिरबाजार, विशाल गंज, मोहनपुर, कमालपुर, उदयपुर और शांतिरबाजार के नगर निकायों को बिना किसी मुकाबले के जीत लिया, जिनमें कुल 92 वार्ड हैं। पीएम मोदी ने जनता का जताया आभार त्रिपुरा में शानदार प्रदर्शन के बाद भाजपा नेताओं की ओर से बधाई दी जा रही है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह आशीर्वाद हमें त्रिपुरा में प्रत्येक व्यक्ति के कल्याण के लिए काम करने की और अधिक ताकत देते हैं। उन्होंने कहा कि मैं त्रिपुरा के भाजपा कार्यकर्ताओं की सराहना करूंगा, जिन्होंने जमीनी स्तर पर अथक परिश्रम किया और लोगों की सेवा की। बिप्लब देब के नेतृत्व में राज्य सरकार कई पहल में सबसे आगे रही है, जिसे लोगों ने अपना आशीर्वाद दिया है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्‌डा ने स्थानीय निकायों में भाजपा की जीत को डबल इंजन की सरकार का जनता के प्रति कमिटमेंट का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह जीत राष्ट्रवादी ताकतों और विकासवादी सोच की जीत है। विघटनकारी ताकतों, हिंसा व विवाद की राजनीति करने वालों और त्रिपुरा का अपमान करने वालों को राज्य की जनता ने सिरे से खारिज कर विकास की राजनीति पर अपनी मुहर लगाई है। सोशल मीडिया पर खूब रही चर्चा की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा रही। लोगों ने तरह-तरह से इसे पेश किया। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने ट्वीट किया कि त्रिपुरा के स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा का स्ट्राइक रेट 98.5 फीसदी रहा। वहीं, तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने हाल में ही ममता बनर्जी के साथ भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी की मुलाकात पर तंज कसा। उन्होंने ट्वीट किया कि स्वामी जी के जुड़ने से दीदी मजबूत हुई है। त्रिपुरा में खाता खोलने से दीदी के प्रधानमंत्री बनने की संभावनाओं को मजबूती मिली है। त्रिपुरा स्थानीय निकाय चुनाव में 334 सीटों में से भाजपा को 329, माकपा को 3 और तृणमूल कांग्रेस व निर्दलीय को एक-एक सीट मिली है।


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