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दुर्लभ बीमारी 'क्रानियोसीनोस्टोसिस' से जूझ रही थी 1 साल की नन्ही गौरी, पूर्व MLA कुणाल षाडंगी की पहल के बाद ऐसे बची जान

रवि झा, जमशेदपुर झारखंड के जमशेदपुर में एक साल की मासूम बच्ची क्रानियोसीनोस्टोसिस (Craniosynostosis) जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थी। परि...

रवि झा, जमशेदपुर झारखंड के जमशेदपुर में एक साल की मासूम बच्ची क्रानियोसीनोस्टोसिस (Craniosynostosis) जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थी। परिजन बेहद परेशान थे कि आखिर मासूम का इलाज कैसे कराएं। इसी बीच पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी और उनकी संस्था नाम्या फाउंडेशन के सदस्यों की पहले से बच्ची का ऑपेरशन संभव हो पाया। गालूडीह की एक साल की मासूम गौरी के सफल ऑपरेशन के बाद उसे नया जीवन मिला है। ओडिशा एम्स में तीन महीने पहले हुआ बच्ची का ऑपरेशनओडिशा के एम्स में तीन महीने पहले बच्ची का ऑपेरशन हुआ। डॉक्टरों ने उसे तीन महीने तक विशेष निगरानी में रखा था। गौरी को क्रानियोसीनोस्टोसिस नाम की अत्यंत गंभीर बीमारी थी। जिसके सफल ऑपेरशन के बाद बच्ची अब एक सामान्य जीवन जी सकेगी। बच्ची की बीमारी को लेकर परिजन बेहद परेशान थे। करीब तीन महीने पहले ही जमशेदपुर के सामाजिक कार्यकर्ता संजय विश्वकर्मा और बीजेपी नेता विजय सोय ने बच्ची के मामले को उठाया था। ऐसे एक साल की बच्ची को मिली मदद इसे अभियान का रूप देकर शहर के चर्चित लोगों से मदद की अपील की गई थी। हालांकि, उन्हें कामयाबी नहीं मिल सकी। इसी बीच मामले में प्रयास जारी रखते हुए ट्विटर के जरिए पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी और उनकी संस्था नाम्या फाउंडेशन से संपर्क किया गया। फिर कुणाल षाड़ंगी ने पहल करते हुए हुए बच्ची के लिए उड़ीसा के एम्स अस्पताल में ऑपरेशन का प्रबंध करवाया। ओडिशा एम्स में बच्ची का ऑपरेशन करीब 12 घंटों तक चला। इसके बाद डॉक्टरों ने 3 महीने तक विशेष चौकसी और सावधानी बरतने की बात कही थी। अब डॉक्टरों ने गौरी को फिट घोषित कर दिया है। 'क्रानियोसीनोस्टोसिस' में क्या होता है क्रानियोसीनोस्टोसिस बेहद गंभीर बीमारी है। जिसमें बच्चों के सिर की हड्डियों के समय से पहले जुड़ने के कारण उनके सिर का आकार बढ़ जाता है। इससे दिमाग, आंख और दूसरे अंग भी प्रभावित होने लगते हैं। ढाई हजार बच्चों में करीब एक को ही ये बीमारी होती है। बीमारी का समय से इलाज न होने पर बच्चे की सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होती है और याददाश्त भी प्रभावित होती है। क्रानियोसीनोस्टोसिस का ऑपरेशन काफी जटिल होता है। सर्जरी में सिर को पूरा खोला जाता है और फिर हड्डियों को कई टुकड़ों में अलग कर सही तरीके से जोड़ा जाता है।


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