लखनऊ बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों के बीच उत्तर प्रदेश में लाखों पैरंट्स को योगी आदित्यनाथ सरकार ने राहत दी है। योगी सरकार ने आदेश किया है...

लखनऊ बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों के बीच उत्तर प्रदेश में लाखों पैरंट्स को योगी आदित्यनाथ सरकार ने राहत दी है। योगी सरकार ने आदेश किया है कि अगले सत्र 2022-23 में भी यूपी के कोई भी स्कूल अपनी फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। सरकार ने यह निर्णय कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर लिया है। यह फैसला सभी बोर्डों के 12 वीं कक्षा तक के स्कूलों पर लागू होगा। अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक, यूपी बोर्ड के सचिव और सभी डीआईओएस को पत्र लिखकर इस बाबत निर्देश दिए हैं। 2019 में लगाई गई थी रोक अर मुख्य सचिव ने कहा है कि 20 मई 2021 को शुल्क वृद्धि न करने का शासनादेश जारी किया गया था। आगे भी वही शुल्क लिया जाएगा, जो दो साल से लिया जा रहा है। नए सत्र में भी स्कूल शुल्क नहीं बढ़ा सकेंगे। 2019-20 में जो शुल्क तय किया गया था, वही शुल्क आगे भी लिया जाएगा। इस ऐक्ट के तहत हो सकती है कार्रवाई आदेश में कहा गया है कि अगर कोई प्राइवेट स्कूल फीस बढ़ाता है या बढ़ी फीस अभिभावकों से वसूलता है तो उसके खिलाफ उप्र स्वावित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क निर्धारण) अधिनियम, 2018 (UP Self financed Independent Schools (Fee Fixation) Act, 2018) की धारा-आठ (एक) के तहत कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। यहां कर सकते हैं शिकायत अराधना शुक्ला ने बताया कि अगर स्कूल पैरंट्स पर बढ़ी फीस वसूलते हैं तो अभिभावक UP Self-financed Independent Schools (Fee Fixation) Act, 2018 के तहत गठित जिला शुल्क निर्धारण नियामक समिति से शिकायत कर सकते हैं। सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को इस आदेश के बारे में पत्र भेज दिया गया है।
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