Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

Breaking News:

latest

भारत श्री सम्मान

भारत श्री सम्मान
आप के योगदान को देता है , समुचित सम्मान एवं कार्य क्षेत्रों को देता है नया आयाम। "भारत श्री सम्मान" । आज ही आवेदन करें । कॉल एवं व्हाट्सएप : 9354343835.

महारत्न कंपनी की नौकरी छोड़ किया IAS बनने का फैसला, दूसरे ही प्रयास में सेकंड टॉपर बनीं जागृति

भोपाल : यूपीएससी (UPSC) की सिविल सर्विसेज परीक्षा 2020 (Civil Services Exam 2020) में ने देश में दूसरा () और महिला प्रतिभागियों में पहला ...

भोपाल : यूपीएससी (UPSC) की सिविल सर्विसेज परीक्षा 2020 (Civil Services Exam 2020) में ने देश में दूसरा () और महिला प्रतिभागियों में पहला स्थान हासिल किया है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुकी जागृति ने दूसरे प्रयास में यह कामयाबी हासिल की है। जागृति ने मैनिट, भोपाल से इंजीनियरिंग की डिग्री ली है। 2017 में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री पूरी करने के बाद वे भेल में नौकरी कर रही थीं। बचपन से ही उन्होंने कलेक्टर बनने का सपना देखा था। इसलिए प्रशासनिक सेवा में जाने का फैसला किया। उन्होंने एक झटके में नौकरी छोड़ दी और फिर सिविल सर्विसेस परीक्षा की तैयारी में लग गईं। जागृति ने जब एक बार फैसला कर लिया तो किसी रुकावट को इसके रास्ते में नहीं आने दिया। पहले प्रयास में वे प्रीलिम्स क्लियर नहीं कर पाईं, लेकिन इससे उनकी तैयारी पर कोई असर नहीं पड़ा। हालांकि, उन्होंने कभी 16-17 घंटे रोजाना पढ़ाई नहीं की। पिछले करीब सवा दो साल जागृति रोजाना 8-10 घंटे की पढ़ाई कर रही थीं। परीक्षा नजदीक आया तो उन्होंने इसे बढ़ाकर 10-12 घंटे कर दिया। इंजीनियरिंग बैकग्राउंड की होकर भी उन्होंने सोशियोलॉजी को ऑप्शनल बनाया और देश की सेकंड टॉपर बन गईं। जागृति ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण के दौरान जब लॉकडाउन लगा था और कोचिंग संस्थान भी बंद हो गए तो उन्होंने पढ़ाई को ही मोटिवेशन का फैक्टर बना लिया। घर में रहकर वे रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई जरूर करतीं। उनके पिता सुरेशचंद अवस्थी होम्योपैथिक कॉलेज में कैशियर हैैं। जागृति अपनी कामयाबी में परिवार, और खासकर भाई की भूमिका महत्वपूर्ण मानती हैं। उनके पिता सुरेशचंद अवस्थी होम्योपैथिक कॉलेज में कैशियर हैैं। जागृति अपनी कामयाबी में परिवार, और खासकर भाई की भूमिका महत्वपूर्ण मानती हैं। अवस्थी के अलावा, भोपाल के अर्थ जैन ने भी इस प्रतिष्ठित परीक्षा में 16वीं रैंक हासिल की है, जबकि मध्य प्रदेश के जबलपुर की अहिंसा जैन ने 53वीं और होशंगाबद के अभिषेक खंडेलवाल ने 167वीं रैंक हासिल की है। इस परीक्षा में कुल 761 उम्मीदवार उत्तीर्ण हुए हैं जिनमें 545 पुरुष और 216 महिलाएं हैं।


from Hindi Samachar: हिंदी समाचार, Samachar in Hindi, आज के ताजा हिंदी समाचार, Aaj Ki Taza Khabar, आज की ताजा खाबर, राज्य समाचार, शहर के समाचार - नवभारत टाइम्स https://ift.tt/3lWtOO3
https://ift.tt/3EQUBDV

No comments