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Success story: गरीबी को छूमंतर करने वाली फसल है लाह, दिल्ली-मुंबई की मजदूरी छोड़ घर में अच्छी सैलरी पा रहीं महिलाएं

रांची/नीलांबर-पीतांबरपुर (पलामू) एशिया प्रसिद्ध पलामू के कुंदरी लाह बगान का गौरव लौटने लगा है। इसके पुनरूद्वार की कवायद जारी है। सखी मंडल...

रांची/नीलांबर-पीतांबरपुर (पलामू) एशिया प्रसिद्ध पलामू के कुंदरी लाह बगान का गौरव लौटने लगा है। इसके पुनरूद्वार की कवायद जारी है। सखी मंडल की दीदियों की लगन, उनकी मेहनत से लाह की खेती में समृद्धि आने लगी है। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग एवं ग्रामीण विकास विभाग की अनुषंगी इकाई झारखंड लाइवलीहूड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) को पुनरूद्वार की जिम्मेदारी मिलने के बाद सखी मंडल की दीदियों को वैज्ञानिक तरीके से लाह उत्पादन के लिए प्रशिक्षण दिलाया गया। साथ ही वित्तीय वर्ष 2020-21 में 915 पेड़ों पर लगाने के लिए करीब 2 क्विंटल ब्रूड लाह (बिहन लाह) महिला किसान सशक्तीकरण परियोजना (एमकेएसपी) के अंतर्गत महिला लाह किसानों को उपलब्ध कराया गया, जिससे करीब 25 क्विंटल ब्रूड लाह तैयार किया गया है। 700 महिलाएं लाह की खेती से जुड़ी इस वर्ष करीब 700 महिलाएं किसान लाह किसान कुंदरी लाह बगान से जुड़ गयी हैं। ब्रूड लाह को कुंदरी लाह बगान में लगे पलाश के पौधों पर चढ़ाने का कार्य अंतिम चरण में जुटी हैं। लाह की खेती से जुड़ी बोराखांड़ की परिनिता देवी ने बताया कि पूर्व के वर्षो में उनके यहां खैर, पलाश एवं बैर के पौधे पर लाह की खेती होती थी, लेकिन समय के साथ खेती बंद हो गयी, जबकि यह अच्छा कार्य है और इसमें काफी फायदा भी होता है। इस बार वैज्ञानिक विधि से कुंदरी लाह बगान में खेती कराई जा रही है। इससे बहुत फायदा मिलेगा। 421 एकड़ में फैले कुंदरी लाह बगान में 62 हजार पौधे 421 एकड़ में फैले इस लाह बगान में पलाश के 62 हजार पौधे हैं। लाह की खेती प्रारंभ होने के पूर्व वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से प्रमंडलीय मुख्यालय के नीलांबर-पीतांबरपुर स्थित कुंदरी लाह बगान का सर्वे किया गया है। सर्वे के अनुसार यहां 62 हजार पलाश के पेड़ हैं। भविष्य में सभी पौधों पर लाह की खेती की जायेगी। प्रमंडलीय आयुक्त जटा शंकर चौधरी ने कहा कि पलामू प्रमंडल के दो जिले गढ़वा और पलामू में बहुतायत मात्रा में पलाश के पौधे हैं। लाह की खेती की ओर आगे बढ़ने से भविष्य में सभी जगहों पर पलाश के पेडों पर लाह की खेती करना संभव हो सकेगा और लाह उत्पादन में पलामू पुनः प्रसिद्धि हासिल करेगी। एक महिला को 10 हजार रुपये महीने की आमदनी पलामू उपायुक्त शशि रंजन ने बताया कि एक महिला को 15 एवं उससे अधिक पौधे का आवंटन किया गया है, इसपर अच्छी खेती से एक महिला को प्रति महीने 10 हजार एवं उससे अधिक की आमदनी हो सकती है।


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