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तमिलनाडु: कोरोना से सावधान! भर रहे ICU, स्कूल-कॉलेज 31 जनवरी तक बंद

चेन्नै तमिलनाडु सरकार ने अपने कोविड -19 नियमों को संशोधित किया है, जिसके तहत केवल हाई रिस्क वालों के संपर्क में आए लोगों की टेस्टिंग की जा...

चेन्नैतमिलनाडु सरकार ने अपने कोविड -19 नियमों को संशोधित किया है, जिसके तहत केवल हाई रिस्क वालों के संपर्क में आए लोगों की टेस्टिंग की जाएगी। तमिलनाडु में शनिवार को 23989 नए कोरोना केस सामने आए, जो कि पोंगल वाले दिन से 530 केस ज्यादा हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसे मामूली बढ़ोतरी बताया और कहा कि लोगों ने त्योहार के चलते जांच कराने में देर की, जिसकी वजह से ऐसा हुआ होगा। हालांकि विभाग की बड़ी चिंता ICU में बढ़ती मरीजों की संख्या और संक्रमण से होनेवाली मौतें हैं। एक हफ्ते में 1 हजार से 3000 हुआ आंकड़ा ज्यादातर हॉटस्पॉट से नए मामलों में बड़ा बदलाव नहीं देखा जा रहा है। चेन्नै में 8978 नए मामले आए हैं, तो पड़ोस के चेंगलपेट में 2854 नए केस दिखे। पिछले एक हफ्ते में राज्य में रोजाना 1000 से 3000 नए मामले दर्ज किए गए हैं। बोर्ड परीक्षाएं भी आगे बढ़ाईं राज्य के स्वास्थ्य सचिव जे राधाकृष्णन ने कहा कि हम नहीं चाहते कि लोग इसे कोरोना मामलों में गिरावट के संकेत के तौर पर देखें। हम अब भी चरम की ओर बढ़ रहे हैं। शनिवार को राज्य की टेस्टिंग पॉजिटिविटी रेट (टीपीआर) 15.3 प्रतिशत था। वहीं राज्य में सभी स्कूलों को 31 जनवरी तक के लिए बंद कर दिया गया है। साथ ही 19 जनवरी को दसवीं और 12वीं की होनेवाली परीक्षा को भी आगे बढ़ा दिया गया है। राज्य में मृत्युदर 1.3% पर बनी हुई है, लेकिन कोरोना के चलते मरनेवालों की संख्या हर दिन बढ़ रही है। 9 जनवरी से पहले हर दिन औसतन 9 मौतें दर्ज की जाती थीं, जबकि साप्ताहिक औसत 18 था। वहीं आज ये रोजाना औसतन 11 मौतें और साप्ताहिक तौर पर 51 है। स्वास्थ्य विभाग ने दी सफाई पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट की तरफ से जारी नए प्रोटोकॉल में कहा गया है कि हाई रिस्क कैटिगरी में बुजुर्ग और बीमार लोग शामिल हैं। जिन लोगों की अनिवार्य रूप से टेस्टिंग की जानी चाहिए, उनमें बुखार, गले में खराश, स्वाद की कमी, गंध की कमी, हाई रिस्क वाले के संपर्क में आने वाले और बाहर जाने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्री शामिल हैं। जारी किए गए टेस्टिंग के लिए नियम सर्जिकल- गैर-सर्जिकल इनवेसिव प्रक्रियाओं से गुजरने वाले रोगियों और अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिलाओं की टेस्टिंग तब तक नहीं की जाएगी, जब तक कि टेस्टिंग की जरूरत न हो। अस्पताल में भर्ती मरीजों का हफ्ते में एक बार से अधिक जांच नहीं की जाएगी और टेस्टिंग की कमी के कारण किसी भी सर्जरी में देरी नहीं होगी। स्वास्थ्य विभाग ने कहा न हों पैनिक स्वास्थ्य विभाग मामलों को और बढ़ने से रोकने के लिए स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है । स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन सावधानी जरूरी है और जब तक कम समय में मामलों की संख्या में भारी वृद्धि नहीं होती है, राज्य स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे के साथ तैयार है।


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