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Bihar News : पटाखा नहीं देसी बमों की फैक्टरी थी जनाब! भागलपुर विस्फोट मामले में सनसनीखेज खुलासा, होली और शब-ए-बारात पर थी कोई साजिश?

पटना : भागलपुर बम ब्लास्ट () के बाद पुलिस हरकत में आ गई है। प्रारंभिक जांच में ही एक से बढ़कर एक तथ्‍य सामने आ रहे हैं। जहां दो दिनों पहल...

पटना : भागलपुर बम ब्लास्ट () के बाद पुलिस हरकत में आ गई है। प्रारंभिक जांच में ही एक से बढ़कर एक तथ्‍य सामने आ रहे हैं। जहां दो दिनों पहले ब्‍लास्‍ट हुआ वहां देसी बम तैयार किए जा रह थे। जी हां, पुलिस को प्रारंभिक जांच में यही जानकारी‍ मिली है, लेकिन इस कड़ी में एक के बाद एक परत जब खुली तो पता चला बम की एक बड़ी खेप शब-ए-बारात को लेकर तैयार की जा रही थी। बताते चलें कि 18 मार्च को मुसलमानों का त्‍योहार शब-ए- बारात है और इसी दिन हिंदुओं की होली भी पड़ रही है। सवाल ये उठता है कि देसी बमों की इतनी बड़ी खेप तैयार करने के पीछे क्‍या मकसद हो सकता है! फिलहाल ब्‍लास्‍ट की घटना में मुख्‍य रूप से दो नाम लीलावती और आजाद का सामने आ रहा है। धमाके में लीलावती का पूरा परिवार खत्‍म हो चुका है। वहीं आजाद फरार है। बताते चलें कि कि डीजीपी एसके सिंघल ने ये बात पटना में बताई थी कि धमाके के तुरंत बाद एफएसएल की टीम मौके पर पहुंच गई है, वह लगातार साक्ष्‍य तलाशने में जुटी हुई है। इस टीम को घटना स्‍थल से भारी मात्रा में बारूद और बम बनाने में प्रयोग होने वाली लोहे की कील मिली है। बता दें की एफएसएल की टीम की जांच में यह पता चला है धमाका हाई एक्‍सपोसिव बारूद की वजह से हुआ है। घटना स्‍थल से 16 किलो बारूर बरामदबम बनाने और शहर दहलाकर माहौल बिगाड़ने की साजिश का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पुलिस को जांच के दौरान घटना स्थल से 16 किलो बारूद मिला है। इसके अलावा एक किलो कील भी बरामद हुई है। एफएसएल टीम के एक अधिकारी के अनुसार धमाके को घातक बनाने के लिए देसी बमों में कील का प्रयोग किया जाता है। जिससे ब्‍लास्‍ट के दौरान निकले छर्रे से ज्‍यादा से ज्‍यादा नुकसान हो। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक यहां काले रंग का 10 किलो, सिल्वर रंग का 5 किलो और एक किलो का पीले रंग का का बारूद बरामद हुआ है। इसके अलावा एक किलो कील की भी बरामदगी हुई है। बारूद पश्चिम बंगाल और झारखंड से लाया गया था। इस पूरे मामले की जांच अब एसआईटी कर रही है। बम ब्‍लास्‍ट के बाद नक्‍सल कनेक्‍शन भी तलाशने में जुटी पुलिस बम धमाके में 14 लोगों की जान चली गई। 10 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। धमाके में 4 घर पूरी तरह से ध्‍वस्‍त हो गए। पुलिस इस पूरे प्रकरण में नक्सली कनेक्शन की जांच भी कर रही है। पुलिस उन साक्ष्‍यों की तलाश में भी जुटी है कि क्‍या इन बमों की सप्‍लाई नक्‍सलियों को की जा रही थी। पुलिस तथ्‍यों की तलाश में हर तार को जोड़ने के लिए छापेमारी कर रही है। पहले भी इस घर में तीन धमाके हो चुके हैंकाजवली चक के जिस घर में यह ब्लास्ट हुआ है। वहां लंबे समय से पटाखे बनाने का काम चल रहा था। लेकिन हैरानी की बात ये है कि इनके पास पटाखा बनाने का लाइसेंस भी नहीं था। बताते चलें जहां यह ब्‍लास हुआ वह घनी आबादी वाला क्षेत्र है। ऐसे में सवाल पुलिस की जानकारी पर भी उठना लाजमी है। खास बात यह है कि इस घर में पहले भी ब्लास्ट हो चुका है, लेकिन तब धमाका इतना भयानक नहींं था। मिली जानकार की अनुसार 2002, 2008 और 2021 में इस घर में धमाके की छोटी मोटी घटनाएं हो चुकीं हैं। इस बार के धमाके का असर तीन किलोमीटर तक दिखा। धमाके में 4 घर जमींदोज हो गए और 14 लोगों की जान चली गई।


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