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पिता के अपमान का बदला लेने के लिए डकैत बना जगन गुर्जर, जानिए दूध बेचने से लेकर हथियार थामने तक की पूरी कहानी....

धौलपुर बाड़ी को धमकी देने के बाद गिरफ्तार हुआ कुख्यात फिर से सुर्खियों में आ गया है। मिली जानकारी के अनुसार धौलपुर पुलिस ने गिरफ्तारी के ब...

धौलपुरबाड़ी को धमकी देने के बाद गिरफ्तार हुआ कुख्यात फिर से सुर्खियों में आ गया है। मिली जानकारी के अनुसार धौलपुर पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद 50 हजार रुपए के इनामी जगन गुर्जर को कोर्ट के सामने पेश 3 दिन की रिमांड मांगी थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर दिया। फिलहाल अब डकैत जगन गुर्जर पुलिस की गिरफ्त में है और पुलिस उससे पूछताछ करने में जुटी है। आपको बता दें कि 28 साल में उस पर 123 मामले दर्ज हो चुके हैं। इसमें ज्यादातर प्रकरण मर्डर और किडनैपिंग के हैं। पुलिस मुठभेड़ की तो गिनती नहीं है। जगन का आतंक राजस्थान सहित मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश तक में रहा है। दूध बेचने वाला ऐसे बना कुख्यात डकैतकुख्यात डकैत जगन गुर्जर की कहानी ठीक वैसी है, जैसी एक आम युवक की होती है। बताया जाता है कि बदले की आग ने एक सीधे-साधे दूध बेचने वाले युवक को डकैत बना दिया। छोटे से विवाद में गांव के ही मंदिर कमेटी के लोगों ने उसके पिता का अपमान कर दिया था। यह बात जगन को नागवार गुजरी, तो उसने कमेटी के कुछ सदस्यों को पीट दिया। फिर बचने के लिए बीहड़ों में भाग गया। जगन के पिता शिवचरण गुर्जर लोक देवता बाबू महाराज के मंदिर पर पंडिताई करते थे। जगन 4 भाई है। साल 1994 में मंदिर का प्रसाद बांटने को लेकर कमेटी के लोगों ने जगन के पिता का अपमान कर दिया। इसका बदला लेने के लिए जगन गुर्जर ने कमेटी के लोगों को पीट दिया। गांव से भाग कर उसने डकैत मोहन गुर्जर के गैंग को जॉइन कर ली। सरगना की हत्या कर खुद बना लीडरमध्य प्रदेश के डकैत मोहन गुर्जर की गैंग में शामिल होने के बाद जगन का खौफ बढ़ता चला गया। इधर साल 1994 में खनपुरा में रहने वाले जगन के जीजा की जमीनी विवाद में डकैत मोहन गुर्जर के रिश्तेदारों ने हत्या कर दी। खून का घूंट पीकर करीब 5 साल तक डकैत गैंग के साथ लूटपाट व आतंक फैलाता रहा। जीजा की हत्या की बात को लेकर साल 1999 में जगन का लीडर मोहन गुर्जर से विवाद हो गया। गुस्से में जगन ने सरगना मोहन गुर्जर की हत्या करने के बाद खुद ही गैंग की कमान संभाल ली। मोहन गुर्जर की गैंग का सरगना बनते ही उसके साथ तीनों भाई पप्पू गुर्जर, लाल सिंह और पान सिंह भी गिरोह में शामिल हो गए। तीन राज्यों में डकैत जगन गुर्जर के नाम का डंकालगातार 7 साल तक उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के साथ राजस्थान में डकैत जगन गुर्जर ने गैंग के साथ जमकर आतंक मचाया। मर्डर, किडनैपिंग और लूट को लेकर तीनों राज्यों में जगन गुर्जर का खौफ कायम हो गया था। आतंक फैलाने वाले जगन ने साल 2001 में पहली बार तत्कालीन एसपी बीजू जॉर्ज जोसफ के सामने सरेंडर किया। 11 लाख का इनामसरेंडर किए जाने के बाद जगन जमानत पर जेल से बाहर आया। साथ ही फिर से जगन ने अपना आतंक फैलाना शुरू कर दिया। मई-जून 2008 में गुर्जर आंदोलन के दौरान जगन ने राजस्थान की तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के महल को बम से उड़ाने की धमकी तक दे डाली । इसके बाद डकैत जगन पर कथित तौर पर 11 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया। पुलिस का दबाव बढ़ता देखकर 30 जनवरी 2009 को जगन ने धौलपुर के कैमरी गांव में सचिन पायलट के समक्ष सरेंडर किया। जगन की 3 पत्नियां, चार बेटे और 2 बेटियां जगन की 3 पत्नियां, 4 बेटे और 2 बेटियां हैं। जून 2010 में बेटी की शादी में जेल में बंद डकैत जगन को पुलिस प्रोटेक्शन में गांव लाया गया। बेटी की शादी में डकैत जगन गुर्जर ने अपराध से दूर रहने की कसम खाई थी। करीब 8 साल जेल में रहने के बाद 6 मार्च 2017 को जगन गुर्जर जेल से बाहर आ गया। साल 2017 विधानसभा चुनाव में धौलपुर से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पत्नी ममता को चुनाव में उतारा। चुनाव में पत्नी बुरी तरह हार गई। बौखलाए जगन ने लोगों को धमकाना शुरू कर दिया। जब आतंक बढ़ गया, तो पुलिस ने भी दवाब बढ़ा। फिर एनकाउंटर के डर से जगन गुर्जर ने 19 अगस्त 2018 को तत्कालीन IG मालिनी अग्रवाल के सामने सरेंडर कर दिया। करीब छह महीने बाद दोबारा एक बार फिर से जमानत पर बाहर आ गया। फिर गिरफ्तार होने के बाद जून 2019 को बाबू महाराज के मंदिर में धौलपुर के तत्कालीन SP अजय सिंह के सामने जगन ने सरेंडर कर दिया। जगन के उत्पात को देखकर उसे अजमेर जेल शिफ्ट कर दिया गया। मलिंगा को दी जान से मारने की धमकीदिसम्बर 2021 में जमानत पर बाहर आने के बाद जगन ने बाड़ी (धौलपुर) कस्बे में फायरिंग कर दी। व्यापारियों की शिकायत पर बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा ने जगन गुर्जर को चेतावनी दे दी। इससे नाराज जगन ने 22 जनवरी को बाड़ी विधायक के खिलाफ वीडियो वायरल कर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस की टीमें बीहड़ों में छिपे जगन की तलाश में जुटी रहीं। करीब 15 दिन बाद सोमवार को करौली पुलिस ने डकैत जगन गुर्जर को जंगल में दबिश देकर पकड़ा।


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