मोतिहारी: ये फोटो गौर से देख लीजिए मुख्यमंत्री महोदय नीतीश कुमार () जी, आप भी जरा गौर फरमा लीजिए शिक्षा मंत्री विजय चौधरी जी, और इसे देखन...

मोतिहारी: ये फोटो गौर से देख लीजिए मुख्यमंत्री महोदय नीतीश कुमार () जी, आप भी जरा गौर फरमा लीजिए शिक्षा मंत्री विजय चौधरी जी, और इसे देखने की सबसे ज्यादा जरूरत है BSEB के अध्यक्ष आनंद किशोर जी (Bseb Intermediate Exam) के लिए। फिलहाल तो ये मत ही कहिएगा कि बिहार () में शिक्षा की बहार है। अगर ऐसा कहेंगे तो लोग आप पर हंसेंगे, आपको कोसेंगे। क्यों न कोसें अगर 400 बेटियों को कार और गाड़ियों की हेडलाइट्स जलवा कर इंटर की परीक्षा देनी पड़े। आप क्यों न शर्मिंदा हों जब इस कड़कड़ाती ठंड में परीक्षा दोपहर के बजाए शाम में शुरु हो। जानना चाहते हैं जो जान लीजिए कि ये तस्वीर बापू की कर्मभूमि चंपारण की है। मोतिहारी की इस तस्वीर ने फिर किया सरकार को शर्मिंदा मंगलवार को मोतिहारी के महाराजा हरेंद्र किशोर कॉलेज में मंगलवार को सरकारी गाड़ियों की हेडलाइट्स की रोशनी में करीब 400 लड़कियों को हिंदी की परीक्षा देनी पड़ी। मातृभाषा की इस परीक्षा ने BSEB और राज्य के शिक्षा विभाग में फैले 'अंधेरे के सिस्टम' को उजागर कर दिया। इंटर की हिंदी की परीक्षा की दूसरी पाली दोपहर 1.45 बजे शुरू होने वाली थी, लेकिन बदइंतजामी के कारण शाम 4.30 बजे शुरू हुई। इसी दौरान इलाके में बिजली कट गई। सूरज ढलते ही परीक्षा कक्ष में अंधेरा छाने लगा। बाद में, पास में खड़ी कुछ सरकारी गाड़ियों को चालू किया गया और उनकी रोशनी बरामदे और कक्षा की ओर डाली गई। इसके बाद छात्राएं परीक्षा दे पाईं। किरकिरी के बाद बदला गया सेंटर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) संजय कुमार ने बुधवार को बताया कि केंद्र को बदल दिया गया है और एक नया परीक्षा अधीक्षक नियुक्त किया गया है। सूत्रों के अनुसार, पहली पाली सुबह 9.30 बजे शुरू हुई और दोपहर 12.45 बजे समाप्त हुई। लेकिन दूसरी पाली समय पर नहीं हो सकी क्योंकि छात्राएं अंधेरे कमरे में बैठकर परीक्षा कैसे देतीं। हाल ये था कि इस केंद्र में बैकअप पावर के लिए जनरेटर तो था, लेकिन ऐन वक्त पर वो भी दगा दे गया। आखिर में कड़कड़ाती ठंड में रात के नौ बजे परीक्षा खत्म हो पाई। अभिभावकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कीबड़ी संख्या में अभिभावक व परीक्षार्थी नारेबाजी करते हुए परीक्षा केंद्र पर जमा हो गए। डीएम शीर्षशत कपिल अशोक , एसडीएम सुमन सौरभ और एसडीपीओ अरुण कुमार गुप्ता पुलिस बल के साथ केंद्र पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। डीएम ने डीईओ को केंद्र अधीक्षक के खिलाफ तुरंत कार्रवाई कर दूसरी पाली शुरू करने को कहा। इस बीच, इंटरमीडिएट की परीक्षा के दूसरे दिन बुधवार को पूरे राज्य में 103 परीक्षार्थियों को निष्कासित कर दिया गया। नालंदा जिले में सबसे अधिक निष्कासित परीक्षार्थी (30) थे, उसके बाद सारण (10) थे। कुल मिलाकर 16 छात्रों को प्रतिरूपण के लिए भी पकड़ा गया था।
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